नौजवान नेतृत्व…: भाजयुमो में आयु सीमा तय, 33 वर्ष तक के युवा ही मंडल और जिलाध्यक्ष बन सकेंगे तय,

भाजपा ने संगठनात्मक राजनीति में एक अहम और दूरगामी बदलाव करते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के पदाधिकारियों के लिए आयु सीमा निर्धारित कर दी है। नए प्रावधानों के अनुसार मंडल और जिलाध्यक्ष पद के लिए अधिकतम आयु 32-33 वर्ष, मंडल, जिला और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों के लिए 35 वर्ष की उम्र सीमा तय की गई है।
इस फैसले से पहले स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अभाव में कई स्थानों पर युवा मोर्चा की कमान अपेक्षाकृत वरिष्ठ नेताओं के हाथों में बनी रहती थी, जिससे वास्तविक युवाओं को नेतृत्व का अवसर नहीं मिल पाता था।
संगठनात्मक स्तर पर इस पुनर्गठन की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी, विशेषकर दुर्ग और भिलाई जैसे शहरी-औद्योगिक क्षेत्रों में। इन क्षेत्रों में युवा मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षित, तकनीकी और औद्योगिक पृष्ठभूमि के युवा हैं, जो भाजपा की विचारधारा से जुड़े तो हैं, लेकिन संगठन में आगे बढ़ने के अवसर सीमित होने से सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए हुए थे।
यह निर्णय उन युवाओं के लिए नए दरवाजे खोलने वाला माना जा रहा है। राजनीतिक दृष्टि से भाजपा इस फैसले के जरिए दोहरे उद्देश्य साधती दिख रही है। पहला, युवा मतदाताओं को यह स्पष्ट संदेश देना कि पार्टी में आगे बढ़ने के अवसर वास्तविक और खुले हैं। दूसरा, संगठन के भीतर संभावित गुटबाजी और जड़ता पर नियंत्रण। युवा मोर्चा को लंबे समय से भविष्य के विधायक, सांसद और संगठनात्मक नेतृत्व की नर्सरी माना जाता रहा है।
अब आयु आधारित स्पष्ट ढांचा बनाकर पार्टी नेतृत्व भविष्य की नेतृत्व पंक्ति को समय रहते तैयार करना चाहता है। दुर्ग जिले में यह फैसला संगठन की आंतरिक राजनीति पर भी सीधा असर डालेगा। युवा मोर्चा में लंबे समय से प्रभाव बनाए हुए कुछ चेहरे अब आयु सीमा के चलते स्वतः बाहर हो जाएंगे, जिससे संगठन के भीतर शक्ति संतुलन बदलेगा।
वहीं भिलाई जैसे औद्योगिक क्षेत्र में यह निर्णय ऐसे नए और अपेक्षाकृत आक्रामक नेतृत्व को उभरने का अवसर देगा, जो मजदूर वर्ग, तकनीकी युवाओं और शहरी मध्यम वर्ग से प्रभावी संवाद स्थापित कर सके।
आने वाले समय में इस निर्णय का असर केवल संगठनात्मक नियुक्तियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि चुनावी रणनीति और जमीनी राजनीति में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। छात्र राजनीति से निकले युवाओं को संगठन में सीधी भूमिका मिलेगी। सोशल मीडिया, डिजिटल कैंपेन और जमीनी आंदोलनों में दक्ष नेतृत्व उभरेगा। कुल मिलाकर भाजपा भविष्य की मुख्यधारा राजनीति के लिए एक सशक्त, प्रशिक्षित और ऊर्जावान युवा टीम तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
संगठन को नई दिशा और नई ताकत मिलेगी प्रदेश भाजयुमो अध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा ने बताया कि भाजयुमो युवाओं का संगठन बने, इस निर्णय का मूल उद्देश्य यही है। आयु सीमा तय होने से प्रदेश के सभी जिला और 500 मंडल संगठन में वही नेतृत्व आएगा, जो युवाओं की सोच और मुद्दों को सही मायनों में समझता हो। भाजपा में युवा कार्यकर्ताओं के लिए आगे बढ़ने का रास्ता हमेशा खुला रहा है। फैसला संगठन को नई दिशा देगा।




