नियमों को ताक पर रखकर चल रहा था अस्पताल, औचक निरीक्षण के बाद गर्ग सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सील

मरीज सुरक्षा से खिलवाड़ पर प्रशासन सख्त, निरीक्षण के दौरान मौके से डॉक्टर भी मिले नदारद
मुंगेली। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने अपनी जीरो टॉलरेंस नीति साफ कर दी है। बुधवार को बिलासपुर रोड स्थित ‘गर्ग सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल’ पर बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासनिक टीम ने उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ उपचारगृह (पंजीयन एवं विनियमन) अधिनियम 2013 के नियमों की घोर अनदेखी पाए जाने पर की गई है।

संयुक्त टीम ने मारा छापा
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर के निर्देश पर गठित एक संयुक्त निरीक्षण दल ने 11 फरवरी 2026 को अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस टीम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) मुंगेली, जिला नोडल अधिकारी (नर्सिंग होम एक्ट) और नायब तहसीलदार श्री हरीश यादव सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
निरीक्षण में खुली पोल
जांच के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं में कई गंभीर खामियां और अनियमितताएं पाई गईं:
- अनुपस्थित चिकित्सक: निरीक्षण के समय अस्पताल में कोई भी अधिकृत ड्यूटी डॉक्टर उपस्थित नहीं था। बिना चिकित्सक के ही अस्पताल का संचालन किया जा रहा था, जो मरीजों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है।
- दस्तावेजों का अभाव: अस्पताल प्रबंधन मौके पर आवश्यक पंजीयन दस्तावेज, संचालन अनुमति पत्र और अन्य अनिवार्य रिकॉर्ड प्रस्तुत करने में पूरी तरह विफल रहा।
- मानकों की अनदेखी: जांच में स्पष्ट हुआ कि अस्पताल का संचालन नर्सिंग होम एक्ट के निर्धारित मानकों और नियमों के अनुरूप नहीं किया जा रहा था।
अस्थायी रूप से किया गया सील
पंचनामा रिपोर्ट के अनुसार, नियमों के उल्लंघन और अव्यवस्थाओं को देखते हुए संयुक्त टीम ने गर्ग सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल को अस्थायी रूप से सील कर दिया है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से जिले के अन्य निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और लापरवाही बरतने वाले संस्थानों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





