बेटियां किसी से कम नहीं: सुप्रिया ने CDS परीक्षा में प्राप्त की चौथी रैंक, बढ़ा मुंगेली का मान

कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से बनीं लेफ्टिनेंट; समाज और प्रदेश का नाम किया रोशन
मुंगेली। कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों और मन में देश सेवा का जज्बा हो, तो कोई भी मुकाम हासिल करना नामुमकिन नहीं है। इसे सच कर दिखाया है मुंगेली की होनहार बेटी सुप्रिया सिंह ने। सुप्रिया ने देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन मानी जाने वाली कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करते हुए अखिल भारतीय स्तर (AIR) पर चौथी रैंक प्राप्त की है।
सुप्रिया की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से न केवल मुंगेली जिला, बल्कि पूरा छत्तीसगढ़ गौरवान्वित है। आदरणीय वैदेही शरण सिंह की सुपुत्री सुप्रिया ने अपनी सफलता से यह सिद्ध कर दिया है कि मेहनत और अनुशासन के बल पर किसी भी शिखर को छुआ जा सकता है।
संघर्ष और सफलता की प्रेरणादायी कहानी
सुप्रिया की यह सफलता केवल एक परीक्षा का परिणाम नहीं है, बल्कि उनके वर्षों के अथक परिश्रम, अटूट आत्मविश्वास और राष्ट्र सेवा के प्रति उनके समर्पण का प्रमाण है। उनकी इस उपलब्धि ने क्षेत्र की अनगिनत बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा का एक नया मानक स्थापित किया है।
बधाइयों का लगा तांता
सुप्रिया की इस गौरवशाली उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें बधाई दी है। शुभचिंतकों का कहना है कि सुप्रिया ने यह साबित कर दिया है कि बेटियां अगर ठान लें, तो वे आकाश की ऊंचाइयों को छू सकती हैं। उनकी सफलता पर उनके परिवार और पूरे समाज में जश्न का माहौल है।
”तुम्हारी मेहनत ने सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ संकल्प और सच्ची लगन से हर शिखर को प्राप्त किया जा सकता है। तुमने युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा स्थापित की है कि सपने बड़े देखो और उन्हें साकार करने का साहस रखो।”
सुप्रिया सिंह अब भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में देश की सीमाओं की रक्षा और राष्ट्र सेवा के नए कीर्तिमान स्थापित करेंगी। उनके उज्ज्वल भविष्य और निरंतर प्रगति के लिए चहुंओर से मंगलकामनाएं मिल रही हैं।





