भव्य आयोजन के बाद खर्रा घाट में फैली गंदगी, आस्था के केंद्र पर स्वच्छता की अनदेखी

श्रद्धालुओं में भारी उत्साह के बीच संपन्न हुआ तीन दिवसीय ‘विराट खर्रा घाट मेला’, लेकिन आयोजन समिति सफाई व्यवस्था में रही फिसड्डी
मुंगेली क्षेत्र के सुप्रसिद्ध धार्मिक एवं आस्था के केंद्र खर्रा घाट में इस वर्ष तीन दिवसीय ‘विराट खर्रा घाट मेला’ का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। 15 फरवरी से 17 फरवरी 2026 तक चले इस मेले को लेकर पूरे क्षेत्र में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुँचकर अपनी आस्था प्रकट की, लेकिन मेले के समापन के बाद आयोजन समिति की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

आस्था पर भारी पड़ रही गंदगी
मेला आयोजन समिति ने बड़े स्तर पर आयोजन तो करवा लिया, लेकिन मेले की समाप्ति के बाद क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को लेकर पूरी तरह उदासीनता बरती गई है। वर्तमान में खर्रा घाट परिसर और उसके आसपास भारी मात्रा में कचरा, प्लास्टिक और जूठन बिखरा पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने बड़े आयोजन की योजना बनाते समय स्वच्छता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी, जो कहीं नजर नहीं आई।
महादेव मंदिर के समीप पसरा कचरा
सबसे चिंताजनक स्थिति पास में ही स्थित भगवान भोलेनाथ के विशाल मंदिर की है। मंदिर की पवित्रता और श्रद्धा को दरकिनार करते हुए, मंदिर के आसपास भी गंदगी का अंबार लगा हुआ है। दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को अब कचरे और बदबू के बीच से गुजरना पड़ रहा है, जिससे उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँच रही है।
ग्रामीणों में रोष
स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने आयोजन समिति के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि:
”समिति ने भव्यता दिखाने में तो कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन जिस घाट और मंदिर की महिमा के कारण यह मेला लगता है, उसी की शुचिता का ध्यान नहीं रखा गया।”





