बिलासपुर में 5 हजार मुर्गियों की मौत, बर्ड-फ्लू की आशंका:भोपाल लैब भेजा गया सैंपल, 5KM दायरा सेंसटिव घोषित; अंडों की स्थिति क्लीयर नहीं

बिलासपुर के कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन परिसर में 5 हजार से ज्यादा मुर्गा-मुर्गियों की रहस्यमयी मौत से हड़कंप मच गया है। शुरुआती लक्षणों के आधार पर बर्ड फ्लू की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुष्टि के लिए सैंपल भोपाल लैब भेजे गए हैं। एहतियात के तौर पर पूरे पोल्ट्री फार्म को सील कर दिया गया है और 5 किलोमीटर क्षेत्र को अति संवेदनशील घोषित किया गया है।
मुर्गियों की मौत का सिलसिला 18 मार्च से शुरू हुआ, लेकिन समय पर जानकारी उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुंचाई गई। जैसे-जैसे मौतों का आंकड़ा बढ़ा, मामला गंभीर होता गया। फिलहाल पोल्ट्री फार्म को पूरी तरह बंद कर दिया गया है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अगर बर्ड फ्लू की पुष्टि होती है तो आसपास के क्षेत्र में मौजूद सभी मुर्गियों और अन्य पालतू पक्षियों को नष्ट किया जाएगा। अब इस पूरे मामले में लापरवाही भी सवालों के घेरे में है। पोल्ट्री फार्म प्रबंधक डॉ. संजय राज ने बताया शुरुआत में कुछ मुर्गियों की मौत हुई थी, जिसे सामान्य बीमारी समझा गया। लेकिन बाद में संख्या तेजी से बढ़ी, जिसके बाद हमने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
रायपुर से पहुंची विशेषज्ञ टीम ने मौके का निरीक्षण कर सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह बर्ड फ्लू है या कोई अन्य वायरल संक्रमण। पशु चिकित्सा विभाग के डॉ. आर.के. गुप्ता ने बताया अभी कुछ भी स्पष्ट कहना संभव नहीं है। सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही संक्रमण की पुष्टि होगी। फिलहाल एहतियात बरती जा रही है।
विशेषज्ञों ने यह भी आशंका जताई है कि यदि यह बर्ड फ्लू निकला तो इंसानों में भी संक्रमण फैल सकता है। इसी वजह से जांच टीम पूरी सुरक्षा के साथ काम कर रही है और लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की जा रही है। फिलहाल सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस पूरे मामले से पर्दा उठाएगी। लेकिन शुरुआती लापरवाही ने इस घटना को और गंभीर बना दिया है।





