छत्तीसगढ़

रिटायर्ड लेखापाल हत्याकांड: मास्टरमाइंड भाई समेत 11 गिरफ्तार, 4 नाबालिग भी शामिल


मुंगेली। जिला पुलिस ने सेवानिवृत्त लेखापाल दामोदर सिंह राजपूत की सनसनीखेज हत्या के मामले को सुलझाते हुए 11 आरोपियों और 4 नाबालिगों को गिरफ्तार किया है। इस अंधे कत्ल की साजिश किसी और ने नहीं, बल्कि मृतक के सगे भाई और परिजनों ने रची थी। हत्या को अंजाम देने के लिए 10 लाख रुपये और जमीन की सुपारी दी गई थी। पुलिस ने इस पूरी गुत्थी को सुलझाने में ‘त्रिनयन ऐप’ और हाईटेक सीसीटीवी कैमरों की मदद ली।

मुख्य बातें (Highlights):

  • अपराध: सेवानिवृत्त लेखापाल का अपहरण कर हत्या और शव को दफन करना।
  • मास्टरमाइंड: सगा भाई, चचेरा भाई और अन्य करीबी रिश्तेदार।
  • मकसद: 4 करोड़ की जमीन और 30 तोला सोना हड़पने की साजिश।
  • तकनीक: त्रिनयन ऐप के माध्यम से संदिग्ध कार का रूट चार्ट बनाकर हुई गिरफ्तारी।
  • जब्ती: सुपारी के 96,000 रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त 2 कारें व 2 दोपहिया वाहन।

पूरी खबर: संपत्ति का लालच और खूनी साजिश

​ग्राम मनोहरपुर निवासी सेवानिवृत्त लेखापाल दामोदर राजपूत (62 वर्ष) 21 मार्च को लापता हुए थे। पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग और एसएसपी भोजराम पटेल के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने जब जांच शुरू की, तो सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध ‘ईओन कार’ मृतक का पीछा करती दिखी। त्रिनयन ऐप की मदद से पुलिस ने कार का नंबर (CG 10 AC 8986) ट्रेस किया, जिससे सुपारी किलर संजय यादव तक पहुंचा जा सका।

बाप-बेटे की अनबन का उठाया फायदा

​जांच में खुलासा हुआ कि मृतक दामोदर सिंह और उनके बेटे संजय राजपूत के बीच पारिवारिक विवाद के कारण बातचीत बंद थी। इसी का फायदा उठाकर मृतक के सगे भाई रणजीत उर्फ मुन्ना और चचेरे भाई रामपाल ने षड्यंत्र रचा। उन्होंने दामोदर को यकीन दिलाया कि उसका बेटा उसे मारना चाहता है और धोखे से पूरी संपत्ति अपने नाम करने के लिए फर्जी नोटरी व वचनपत्र तैयार करवा लिए।

गंगा में बहाया फोन, ताकि लगे कि ‘सन्यासी’ बन गए

​आरोपियों ने हत्या के बाद मृतक का मोबाइल प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) भेजकर गंगा नदी में फिकवा दिया, ताकि पुलिस और परिजन यह समझें कि दामोदर सिंह घर छोड़कर साधु बन गए हैं और प्रयागराज में रह रहे हैं।

जंगल में रेत के नीचे दफन की थी लाश

​सुपारी किलर संजय यादव ने अपने साथियों के साथ मिलकर मनोहरपुर के पास दामोदर सिंह का गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को कवर्धा जिले के पंडरिया अंतर्गत देवसरा के जंगल में नदी किनारे गड्ढा खोदकर रेत में दफन कर दिया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर शव बरामद कर लिया है।

गिरफ्तार आरोपी:

​पुलिस ने रणजीत सिंह राजपूत (भाई), पालेश्वर राजपूत, रामपाल सिंह (चचेरा भाई), पराग सिंह, हेमंत राजपूत, अजय राजपूत (भांजा), सुपारी किलर संजय यादव, श्रवण उर्फ प्रिंस, योगेश गंधर्व, देवराज साहू और आशीष कारीकांत सहित 4 नाबालिगों को हिरासत में लिया है।


Advertisement

Pritesh Arya

छत्तीसगढ़ की ताज़ा खबरें पढ़ें khabardaar36.com पर – राजनीति, अपराध, शिक्षा, खेल और प्रशासन से जुड़ी हर बड़ी और ब्रेकिंग न्यूज़, सबसे पहले और सबसे सटीक।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!