प्रशासनिक साख से खिलवाड़ पड़ा भारी: तहसीलदार शेखर पटेल ने भेजा मानहानि नोटिस

भ्रामक आरोपों पर प्रशासनिक अधिकारी का कड़ा प्रहार; हाईकोर्ट के अधिवक्ता के माध्यम से कानूनी घेराबंदी
लोरमी। राजनीति के हॉटस्पॉट लोरमी विधानसभा में एक ईमानदार छवि के अधिकारी को बदनाम करने की साजिश अब साजिशकर्ताओं पर ही उलटी पड़ती दिखाई दे रही है। क्षेत्र के तथाकथित समाज सेवक कोमल सिंह राजपूत द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से तहसीलदार शेखर पटेल के विरुद्ध किए गए भ्रामक दुष्प्रचार और चरित्र हनन की कोशिशों के खिलाफ अब कानूनी मोर्चा खोल दिया गया है। तहसीलदार पटेल ने अपनी सामाजिक और प्रशासनिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने वालों को हाईकोर्ट के अधिवक्ता के माध्यम से मानहानि का विधिक नोटिस थमाया है।


साजिश की खुली पोल: न साक्ष्य, न शिकायतकर्ता
विगत दिनों निजी स्वार्थों के चलते तहसीलदार पर महिला कर्मचारियों से दुर्व्यवहार के गंभीर लेकिन खोखले आरोप लगाए गए थे। हैरानी की बात यह है कि इन आरोपों की पुष्टि के लिए न तो कोई शिकायतकर्ता सामने आया और न ही कोई तकनीकी साक्ष्य (कॉल रिकॉर्ड या स्क्रीनशॉट) पेश किए गए। पटवारी संघ और तहसील के समस्त कर्मचारियों ने एक सुर में इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘चरित्र हनन’ की घटिया राजनीति करार दिया है।
कानूनी कार्रवाई की जद में साजिशकर्ता
अधिवक्ता निखिल शुक्ला के माध्यम से भेजे गए नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि बिना किसी प्रमाण के सार्वजनिक रूप से छवि खराब करना भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 356 (मानहानि) के तहत दंडनीय अपराध है। नोटिस में तहसीलदार ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि तथ्यहीन आरोपों के माध्यम से शासन की छवि खराब करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
विवादों के बीच भी उत्कृष्ट प्रदर्शन: प्रदेश में लोरमी का बजा डंका
एक ओर जहाँ तहसीलदार के विरुद्ध षड्यंत्र रचे जा रहे थे, वहीं दूसरी ओर उनकी कार्यक्षमता ने पूरे प्रदेश में लोरमी का मान बढ़ाया। कलेक्टर कुंदन कुमार के नेतृत्व में जिला मुंगेली शासन की योजनाओं में अग्रणी रहा है। राजस्व अमले की हड़ताल के बावजूद एसडीएम अजीत पुजारी और तहसीलदार शेखर पटेल की जोड़ी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य में छत्तीसगढ़ की सभी 90 विधानसभाओं में लोरमी को चौथा स्थान दिलाया है। यह उपलब्धि साबित करती है कि दबाव और विवादों के बीच भी अधिकारी ने विकास की गति को थमने नहीं दिया।
”हाल ही में मेरी छवि धूमिल करने के जो प्रयास हुए, उसका जवाब हमारी कार्यकुशलता और टीम के अटूट विश्वास ने दे दिया है। मेरा लक्ष्य केवल लोरमी का विकास और जनसेवा है।”
— शेखर पटेल, तहसीलदार, लोरमी





