नारी शक्ति का शंखनाद: ढोलक की थाप और रंग-गुलाल के बीच केशरवानी महिला समिति ने मनाया होली मिलन

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस और रंगपंचमी का अनूठा संगम, ‘मूर्खाधिराज’ के टाइटल पर लगे ठहाके
मुंगेली। स्थानीय राधाकृष्ण मंदिर परिसर में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी केशरवानी महिला समिति द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस और प्रेम के प्रतीक रंगपंचमी के पावन पर्व पर भव्य ‘होली मिलन’ का आयोजन किया गया। ढोलक की थाप और अबीर-गुलाल के बीच महिलाओं ने अपनी उपलब्धियों का उत्सव मनाते हुए समाज को नारी सशक्तिकरण का संदेश दिया।

विचारों का संगम और सशक्तिकरण की बात:
कार्यक्रम की शुरुआत समिति की सचिव संध्या दीवान ने मंच संचालन करते हुए की। इस अवसर पर अनिता गुप्ता, जया गुप्ता, सपना गुप्ता, ज्योति गुप्ता, शुभलक्ष्मी केशरवानी, सीमा गुप्ता और विभा केशरवानी ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा, “नारी कभी कमजोर नहीं होती, बस उसका संघर्ष अलग होता है।” उन्होंने शिक्षा, विज्ञान, राजनीति और सेना में महिलाओं के बढ़ते कदमों का जिक्र करते हुए मदर टेरेसा, इंदिरा गांधी, कल्पना चावला और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जैसी विभूतियों को याद किया।

हंसी-ठिठोली और पारंपरिक व्यंजनों का लुत्फ:
अध्यक्ष ज्योति गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित गेम्स में चिट के माध्यम से ‘मूर्खाधिराज’ और ‘महामूर्ख’ जैसे यादगार और मजाकिया टाइटल दिए गए, जिससे पूरा माहौल हंसी-खुशी से भर गया। डीजे की धुनों और ‘रंग बरसे’ जैसे गीतों पर महिलाएं जमकर थिरकीं। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण घर से बने पारंपरिक व्यंजन— अनरसा, देवरौरी और गुजिया रहे, जिसका सभी ने मिलकर आनंद लिया।
सैकड़ों की संख्या में रही उपस्थिति:
इस गरिमामयी उत्सव में मनोरमा गुप्ता, सुनीता गुप्ता, सुरेखा गुप्ता, ममता केशरवानी, सरोज गुप्ता, रंजीता, कविता, संध्या केशरवानी, सुलोचना, विजेता, स्मिता, कमलेश, सीता, स्वीटी, कीर्ति सहित मुंगेली की सैकड़ों महिलाएं और बच्चे उपस्थित रहे। अंत में सभी ने एक-दूसरे को गले लगकर होली की बधाई दी।





