बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका, हाफ बिल के लिए छूट सीमा घटकर सिर्फ 100 यूनिट
खपत सीमा घटाने से 20 से 22 लाख उपभोक्ता सीधे-सीधे प्रभावित होंगे

सरकार का दावा: संशोधित योजना से 45 लाख में 31 लाख सामान्य और कमजोर वर्ग के उपभोक्ताओं को मिलेगा पूर्ववत लाभ
अब तक 400 यूनिट तक की मासिक खपत पर हाफ बिल योजना की मिलती थी छूट
खबरदार न्यूज़ ✍️ रायपुर। बिजली दर में बढ़ोत्तरी किए अभी एक माह भी नहीं बीता है कि राज्य सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को एक और बड़ा झटका दे दिया है। अब तक 400 यूनिट तक की मासिक खपत पर मिलने वाली हाफ बिजली बिल योजना में बड़ा बदलाव किया गया है। सरकार ने इस योजना की छूट सीमा घटाकर केवल 100 यूनिट कर दी है। नए नियम के मुताबिक, यदि किसी माह खपत 100 यूनिट से ज्यादा हुई तो हाफ बिल का लाभ उस महीने नहीं मिलेगा। यह संशोधित व्यवस्था 1 अगस्त 2025 से लागू हो गई है। इस फैसले के पीछे सरकार की मंशा मध्यम और उच्च आय वर्ग के लोगों को सौर बिजली की तरफ मोड़ने की है। सरकार का कहना है कि यह निवेश उपभोक्ताओं को 25 साल तक मुफ्त बिजली देने और अतिरिक्त बिजली बेचकर आमदनी का रास्ता खोलने के लिए है। राज्य सरकार का तर्क है कि लाखों उपभोक्ता अब भी बिजली हाफ योजना से लाभान्वित होंगे। 70% परिवारों की मासिक बिजली खपत 100 यूनिट से कम ही है। शेष पेज 8 पर
क्यों बदला नजरिया?
विशेषज्ञ मानते हैं कि बिजली सब्सिडी लंबे समय तक टिकाऊ नहीं होती। छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ते कनेक्शन और ऊर्जा मांग को देखते हुए सरकार का रुख अब ‘सब्सिडी आधारित राहत’ से ‘सौर ऊर्जा आधारित आत्मनिर्भरता’ की तरफ है। हाफ बिल योजना को धीरे-धीरे फेज आउट कर सूर्यघर जैसी योजनाओं से जोड़ना इसी रणनीति का हिस्सा है।
जनआंदोलन खड़ा करेगी कांग्रेस, आज होगा ऐलान
भाजपा सरकार द्वारा बिजली बिल हाफ योजना बंद करने के बाद प्रदेश में सियासी बवाल मचता नजर आ रहा है। प्रदेश में बिजली बिल हाफ योजना बंद करने की मार सीधे मध्यम और निम्न मध्यम उपभोक्ताओं पर पड़ेगी। कांग्रेस ने महंगाई के दौर में राज्य की जनता पर एक और बोझ लादकर अत्याचार करने के आरोप लगाए। बिजली बिल हाफ योजना बंद करने के खिलाफ कांग्रेस अब प्रदेश भर में जनआंदोलन खड़ा करने की तैयारी में है। अंतिम रायशुमारी के बाद 5 अगस्त को आंदोलन का औपचारिक ऐलान किया जा सकता है।
पहले : 400 यूनिट तक खपत पर 50% छूट
31 लाख परिवार को पहले जैसा फायदा
(70% उपभोक्ता)।
6044 करोड़ रुपए अब तक राहत मिली उपभोक्ताओं को
सरकार का विजन : सस्ती नहीं, मुफ्त बिजली
सूर्यघर योजना में 1 किलोवॉट का सोलर प्लांट लगाने पर केंद्र से 30 हजार और राज्य से 15 हजार रुपए, यानी कुल 45 हजार रुपए तक सब्सिडी मिलती है। उपभोक्ता को केवल 15 हजार रुपए खर्च करने पड़ते हैं। सोलर प्लान सब्सिडी इस तरहः
1 किलोवॉट प्लांटः 120 यूनिट/माह
2 किलोवॉट प्लांट: 240 यूनिट/माह
3 किलोवॉट प्लांटः 360 यूनिट/माह सब्सिडी 1,08,000 रुपए
लाभः 25 साल तक मुफ्त बिजली अतिरिक्त बिजली बेचकर आय
हाफ बिल योजना में बड़ा बदलाव
अब : सिर्फ 100 यूनिट तक खपत पर ही छूट
शर्त : एक
यूनिट भी ज्यादा तो पूरा बिल देना होगा
नुकसान ? किसे फायदा, किसे
20-22 लाख
(मुख्यतः मध्यम उपभोक्ता बाहर और उच्च वर्ग)।
15 लाख बीपीएल परिवार को 30 यूनिट मुफ्त
हाफ बिल लाभ
असर? अब तक कितना खर्च, कितना
एक उपभोक्ता को औसतन 50-60 हजार रुपए तक की बचत
नए नियम से अनुमानित उपभोक्ता होंगे प्रभावित 20 लाख
सब्सिडी 45,000 रुपए
सब्सिडी १०,००० रुपए
सरकार का कहना है कि इससे उपभोक्ता न सिर्फ बिजली बिल से मुक्त होंगे बल्कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर आय भी कमा सकेंगे। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के उपभोक्ता हाफ बिल योजना से आगे बढ़कर मुफ्त बिजली के विकल्प की ओर बढ़ेंगे।
सरकार बोली, हाफ बिल से मुफ्त बिजली की तरफ कदम
सरकार का दावा है कि प्रदेश अब सस्ती नहीं, मुफ्त बिजली की दिशा में बढ़ रहा है। इसके लिए पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना लागू की जा रही है। इसके तहत घरेलू उपभोक्ता अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगाकर 25 साल तक मुफ्त बिजली पा सकते हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, अगर 6 लाख उपभोक्ताओं ने सोलर प्लांट के लिए आवेदन किया, तो राज्य सरकार पर 1,800 करोड़ रुपए का बोझ आएगा। यह खर्च हाफ बिल योजना के मुकाबले तीन गुना ज्यादा है।
योजना में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर 1 किलोवॉट क्षमता के प्लांट पर 45 हजार रुपए तक सब्सिडी देती हैं। उपभोक्ता को सिर्फ 15 हजार रुपए खर्च करना पड़ता है। इसी तरह 2 किलोवॉट प्लांट पर 90 हजार और 3 किलोवॉट प्लांट पर 1.08 लाख रुपए तक की सब्सिडी मिलती है। उपभोक्ता को अधिकतम 72 हजार रुपए का योगदान करना होगा, जो ऋण के रूप में उपलब्ध है।
2. किलोवॉट प्लांट से प्रतिमाह औसतन 240 यूनिट उत्पादन होता है। 3 किलोवॉट प्लांट से 360 यूनिट तक





