मुंगेली: ‘मिशन 90 प्लस’ से बदलेगी शिक्षा की सूरत, कलेक्टर और एसएसपी ने छात्रों को दिया सफलता का ‘सीक्रेट मंत्र’

मुंगेली | 14 फरवरी 2026 मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान ‘मिशन 90 प्लस’ के तहत मुंगेली जिले में एक विशेष प्रेरक कार्यक्रम ‘प्रेरणा से परिवर्तन’ का आयोजन किया गया। जनदर्शन हॉल में आयोजित इस कार्यशाला में जिले भर के कक्षा 10वीं और 12वीं के वे विद्यार्थी शामिल हुए, जो वर्तमान में डी (D) और ई (E) ग्रेडिंग में हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बोर्ड परीक्षा से पहले छात्रों के मन से डर को निकालकर उनमें आत्मविश्वास जगाना और बेहतर परिणाम के लिए तैयार करना था।

संसाधनों की कमी को कमजोरी नहीं, ताकत बनाएं: कुन्दन कुमार
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कहा कि अभाव में ही प्रतिभा निखरती है। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा, “सीमित संसाधनों में ही अक्सर सबसे शानदार परिणाम आते हैं। अपनी परेशानियों को बाधा न समझें, बल्कि उन्हें एक अवसर की तरह लें और डटकर सामना करें।”
कलेक्टर ने छात्रों को सफलता के तीन सूत्र दिए:
- समय प्रबंधन: पढ़ाई के लिए सही टाइम टेबल बनाएं।
- डिजिटल दूरी: मोबाइल और सोशल मीडिया से अनावश्यक दूरी बनाकर समय का सदुपयोग करें।
- डर की लिस्ट: जिन विषयों या टॉपिक्स से डर लगता है, उनकी लिस्ट बनाएं और नियमित रिवीजन व लेखन अभ्यास से उन्हें दूर करें।
सफलता के लिए ऊर्जा का संतुलन जरूरी: भोजराम पटेल

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने छात्रों को मानसिक शक्ति का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि वैचारिक, भावनात्मक और भौतिक ऊर्जा के सही तालमेल से ही मनचाही सफलता मिलती है। उन्होंने छात्रों से कहा, “अपने सपनों से प्यार करना सीखें। नकारात्मक विचारों को मन से निकाल दें और अपने ‘सब-कॉन्शियस माइंड’ की शक्ति को समझें।” उन्होंने तनावमुक्त होकर परीक्षा की तैयारी करने और निरंतर सीखने पर जोर दिया।
छात्रों के सवालों का हुआ समाधान

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने अपनी शंकाएं खुलकर साझा कीं। 11वीं की छात्रा मनीषा मनहरण ने खुद के नोट्स बनाने के फायदे बताए और आगे की पढ़ाई के लिए हॉस्टल सुविधा की मांग रखी। अन्य छात्रों ने परीक्षा के दौरान होने वाली घबराहट, भूलने की समस्या और लंबे समय तक एकाग्रता बनाए रखने जैसे सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों और विशेषज्ञों ने विस्तार से जवाब दिया।
मिशन 90 प्लस: कमजोर छात्रों के लिए विशेष रणनीति

जिला शिक्षा अधिकारी एल.पी. डाहिरे ने बताया कि जिले में बोर्ड परीक्षाओं के बेहतर परिणाम के लिए माइक्रो लेवल पर काम किया जा रहा है:
- इस वर्ष हाईस्कूल के 11,177 और हायर सेकेंडरी के 7,704 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
- जिले में विषय विशेषज्ञों के व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं, जहाँ छात्र किसी भी समय अपनी समस्या पूछ सकते हैं।
- कमजोर बच्चों के लिए एक्स्ट्रा क्लास और विशेष अभ्यास सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों ने दिए जीत के टिप्स
शिक्षाविद डी.के. सोलंकी और मीडिया प्रभारी रामशरण यादव ने भी छात्रों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि छात्र खुद के ‘मोटिवेटर’ बनें और शॉर्ट नोट्स तैयार करें। कार्यक्रम में एसडीएम मुंगेली अजय शतरंज, एसडीएम पथरिया रेखा चंद्रा, प्राचार्य रजत दवे सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।





