महिलाओं के नाम संपत्ति खरीदने पर अब आधा लगेगा रजिस्ट्री शुल्क, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने खोला सौगातों का पिटारा

CG Budget 2026: प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में साय सरकार का बड़ा कदम, संकल्प पत्र का वादा किया पूरा
रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने अपने तीसरे बजट में प्रदेश की ‘नारी शक्ति’ को अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक तोहफा दिया है। विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने घोषणा की है कि आगामी वित्तीय वर्ष से महिलाओं के नाम पर अचल संपत्ति (जमीन, मकान या प्लॉट) खरीदने पर पंजीयन शुल्क (Registry Fee) में 50% की भारी छूट दी जाएगी।
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में स्पष्ट किया कि यह निर्णय सरकार के संकल्प पत्र के अनुरूप है और इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। वर्तमान में संपत्ति पंजीकरण पर लगने वाले भारी शुल्क के कारण कई बार परिवार महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने से कतराते थे, लेकिन अब इस कटौती के बाद महिलाओं के नाम पर निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
सुशासन के ‘पंच तत्व’ पर आधारित बजट
सदन को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सरकार की कार्यप्रणाली को सुशासन का मॉडल बताया। उन्होंने कहा:
”मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार नीति, न्याय, निवेश, निर्माण और नवाचार के पंच तत्वों पर आधारित है। सुशासन की हमारी परिभाषा केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर वर्ग के न्याय और विकास से जुड़ी है।”
अगले साल से लागू होगा नियम
हालांकि बजट में इसकी घोषणा कर दी गई है, लेकिन वित्त मंत्री ने साफ किया कि पंजीयन शुल्क में 50% की यह रियायत आगामी वित्तीय वर्ष से प्रभावी होगी। इस घोषणा को प्रिंट मीडिया और राजनीतिक जानकारों द्वारा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है, क्योंकि इससे न केवल रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी आएगी, बल्कि संपत्ति के स्वामित्व में महिलाओं की भागीदारी भी दोगुनी होने की उम्मीद है।





