मुंगेली नगर पालिका में राजनीतिक भूचाल: सहमति की कमी या बड़ी रणनीति? नगर पालिका की ‘PIC’ में दरार: इस्तीफा-युद्ध’

मुंगेली। नगर पालिका परिषद मुंगेली में पी.आई.सी. (PIC) के गठन के साथ ही असंतोष की लहर दौड़ गई है। पी आई सी के विभिन्न विभागों के लिए सदस्यों की घोषणा किए जाने के तुरंत बाद, नवनियुक्त सदस्यों ने एक स्वर में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया है

विचारधारा का हवाला देकर छोड़ा पद
इस्तीफा देने वाले कांग्रेस पार्टी के के पार्षदों (अरविंद वैष्णव, संजय चंदेल, रामकिशोर देवांगन दिलीप सोनी व अन्य) ने स्पष्ट किया है कि वे वर्तमान गठन की प्रक्रिया और उसमें अपनाए गए मापदंडों से सहमत नहीं हैं। पार्षदों द्वारा सौंपे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि कांग्रेस के पास स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद जिस तरह से पी.आई.सी. का गठन किया गया है, वह उनकी पार्टी की विचारधारा से मेल नहीं खाता।
“किसी विभाग में नहीं रहना चाहते”
इस्तीफा देने वाले पार्षदों का कहना है कि उन्हें विभिन्न विभागों में सदस्य के रूप में शामिल तो किया गया, लेकिन वैचारिक मतभेदों और कार्यप्रणाली के विरोध स्वरूप वे इन पदों पर कार्य नहीं करना चाहते। उन्होंने अपने पत्र में लिखा:
“हमारी विचारधारा और भाजपा की विचारधारा अलग है, इसलिए हम किसी भी विभाग में पद ग्रहण नहीं करना चाहते और अपने सदस्य पद से इस्तीफा देते हैं।”
✍️ अरविंद वैष्णव वरिष्ठ पार्षद नगर पालिका मुंगेली
नगर पालिका अध्यक्ष को सौंपा पत्र
पार्षदों ने अपना इस्तीफा नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी के नाम संबोधित करते हुए विधिवत रूप से प्रस्तुत कर दिया है। एक साथ कई प्रमुख पार्षदों के इस्तीफे से शहर की राजनीति गरमा गई है और वर्तमान परिषद के नेतृत्व पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।




