UGC बिल के खिलाफ मुंगेली सड़कों पर उतरा सवर्ण समाज, शिक्षा और समानता की लड़ाई में गरजा जनआक्रोश, कलेक्ट्रेट तक गूंजी चेतावनी

मुंगेली।
UGC बिल के विरोध में मुंगेली आज जनचेतना, साहस और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक बन गया। सवर्ण समाज मुंगेली के आह्वान पर समाज के वरिष्ठ जन, युवाशक्ति और मातृशक्ति एकजुट होकर सड़कों पर उतरे और अन्याय के विरुद्ध अपनी बुलंद आवाज़ दर्ज कराई। सैकड़ों बाइकों के साथ निकली विशाल रैली ने यह स्पष्ट कर दिया कि समाज अपने अधिकारों और संविधान प्रदत्त समान अवसरों से कोई समझौता नहीं करेगा।

बाइक रैली पुराना बस स्टैंड स्थित कम्युनिटी हॉल से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुँची, जहाँ प्रशासन के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। यह रैली मात्र एक विरोध नहीं, बल्कि शिक्षा, न्याय और सामाजिक संतुलन की रक्षा का दृढ़ संकल्प थी।
रैली के दौरान समाज के विभिन्न समाज प्रमुखों एवं प्रतिनिधियों ने एक स्वर में UGC बिल को जनविरोधी और विभाजनकारी बताते हुए इसे काला कानून करार दिया। वक्ताओं ने कहा कि यह बिल सामाजिक समरसता को तोड़ने वाला, समान अवसरों को सीमित करने वाला और शिक्षा को पक्षपात की ओर धकेलने वाला है, जो संविधान की मूल भावना के बिल्कुल विपरीत है।
वक्ताओं ने चेताया कि यदि यह बिल लागू हुआ तो इसका दुष्प्रभाव केवल सवर्ण समाज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर गंभीर संकट उत्पन्न होगा। समाज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह किसी भी कीमत पर असमानता, अन्याय और भेदभाव को स्वीकार नहीं करेगा।
सवर्ण समाज मुंगेली ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यह संघर्ष शांतिपूर्ण होते हुए भी अडिग, निर्णायक और निरंतर रहेगा। जब तक UGC बिल वापस नहीं लिया जाता, तब तक समाज अपनी लोकतांत्रिक लड़ाई पूरी मजबूती के साथ जारी रखेगा।






