छत्तीसगढ़ में हाफ बिजली बिल योजना बदलने के बाद हजारों परिवारों को भारी-भरकम बिजली बिल का झटका

✍️छत्तीसगढ़ में हाफ बिजली बिल योजना में बदलाव करते हुए सरकार ने उपभोक्ताओं को बड़ा झटका दिया है। अब महज 100 यूनिट तक बिजली की खपत पर ही आधा बिल चुकाने की छूट रहेगी, जबकि पहले यह सीमा 400 यूनिट थी। इस बदलाव के चलते अधिकांश मध्यमवर्गीय और सामान्य परिवारों को सितंबर का बिजली बिल लगभग दोगुना मिल रहा है। रायपुर समेत पूरे प्रदेश में हजारों उपभोक्ताओं का मासिक बजट गड़बड़ा गया है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि 400 यूनिट तक फिर से हाफ योजना लागू की जाए, वरना भारी महंगाई के बीच आर्थिक संकट और गहरा सकता है। सरकार ने तर्क दिया है कि नए बदलाव से केवल गरीब और जरूरतमंद परिवार लाभान्वित होंगे, लेकिन मध्यम वर्ग पर इसका सीधा असर पड़ रहा है
योजना में बदलाव की वजह से बढ़े बिल
अब प्रदेश में केवल 100 यूनिट तक बिजली खपत पर ही हाफ बिल योजना का लाभ मिलेगा, जबकि पहले यह छूट 400 यूनिट तक थी।
100 यूनिट से ऊपर बिजली खपत होते ही पूरा बिल देना पड़ रहा है, जिससे अधिकांश घरों में बिल लगभग दोगुना हो गया है।
नियमों में बदलाव का सीधा असर मध्यमवर्गीय, सामान्य और बड़े परिवारों पर पड़ा है, जिन्हें पहले राहत मिलती थी।
आम जनता और मध्यम वर्ग की नाराजगी
हजारों घरेलू उपभोक्ताओं के मासिक बजट पर एकदम झटका लगा है, क्योंकि अब मामूली खपत वाले परिवार भी योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
उपभोक्ताओं का कहना है कि उनके बिजली बिल में जबरदस्त इजाफा हुआ है – जहां पहले 300-500 रुपये आते थे, वहीं अब 700-1000 रुपये या उससे अधिक बिल आ रहे हैं।
आम नागरिकों ने सरकार से मांग की है कि 400 यूनिट तक फिर से हाफ बिल योजना लागू की जाए।
प्रशासन की ओर से
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 100 यूनिट तक सीमित करने का फैसला गरीब और जरूरतमंद वर्ग को ध्यान में रखकर किया गया है।
हालांकि, अब 100 यूनिट से अधिक बिजली खर्च करने वाले लगभग 14-15 लाख उपभोक्ता अतिरिक्त बिजली बिल का बोझ झेल रहे हैं।





