शहर में बढ़ता जा रहा है सड़क पर बेकाबू रफ्तार, युवकों का खतरनाक स्टंट

मुंगेली। शहर की शांत आबोहवा में इन दिनों बुलेट और अन्य दुपहिया वाहनों के फटे साइलेंसरों से निकलने वाली पटाखों जैसी आवाज ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। शहर के मुख्य मार्गों से लेकर रिहायशी इलाकों तक, अज्ञात युवाओं की टोलियाँ तेज रफ्तार में गाड़ियां दौड़ा रही हैं, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।
कानफोड़ू आवाज से दहशत में नागरिक

रोजाना शाम ढलते ही शहर की सड़कों पर मॉडिफाइड साइलेंसर लगी गाड़ियों का शोर शुरू हो जाता है। ये युवा जानबूझकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में गाड़ियों से पटाखों जैसी आवाज निकालते हैं। इससे न केवल ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है, बल्कि बुजुर्गों, बच्चों और दिल के मरीजों के लिए यह शोर जानलेवा साबित हो रहा है। अचानक होने वाले इन धमाकों से राहगीर सहम जाते हैं, जिससे संतुलन बिगड़ने का डर बना रहता है।
रफ्तार ऐसी कि थम जाए सांसें
शहर के जागरूक नागरिकों का कहना है कि इन युवाओं की गाड़ियों की रफ्तार इतनी अधिक होती है कि सड़क पार करना दूभर हो गया है। स्टंटबाजी और रफ ड्राइविंग के चक्कर में ये युवा न केवल अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, बल्कि सामने आने वाले निर्दोष राहगीरों के लिए भी काल बन रहे हैं।
पुलिस कार्रवाई की दरकार
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और यातायात पुलिस से मांग की है कि:
- मुख्य चौराहों पर चेकिंग अभियान चलाया जाए।
- नियम विरुद्ध साइलेंसर लगाने वाले गैरेज और वाहन स्वामियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
- तेज रफ्तार गाड़ियों को जब्त कर भारी जुर्माना वसूला जाए।
यदि समय रहते इन बेलगाम युवाओं पर नकेल नहीं कसी गई, तो शहर के किसी भी व्यस्त मार्ग पर बड़ी अनहोनी होना तय है।




