मुंगेली। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित UGC बिल के विरोध में मुंगेली का सवर्ण समाज लामबंद हो गया है। बिल को लेकर समाज में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। इसी विरोध की रणनीति तैयार करने के लिए स्थानीय होटल पुनीत में सवर्ण समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें समाज के वरिष्ठों, युवाओं और महिलाओं ने हुंकार भरते हुए इस बिल को ‘काला कानून’ करार दिया।
बैठक के मुख्य बिंदु:
समानता पर प्रहार: समाज प्रमुखों ने कहा कि यह बिल सामाजिक संतुलन और शैक्षणिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है।
एकजुटता का संकल्प: बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि समाज के हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
भारी उपस्थिति: बैठक में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक शामिल हुए।
30 जनवरी को शक्ति प्रदर्शन
आंदोलन की अगली कड़ी में 30 जनवरी को दोपहर 12 बजे पुराना बस स्टैंड स्थित कम्युनिटी हॉल में समाज के लोग एकत्रित होंगे। यहाँ से एक भव्य एवं शांतिपूर्ण रैली निकाली जाएगी। रैली के समापन पर कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति एवं माननीय प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
”यह आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और अनुशासित रहेगा। जब तक हमारी आशंकाओं का निराकरण नहीं होता, संघर्ष जारी रहेगा।”
— सवर्ण समाज , मुंगेली
समाज के पदाधिकारियों ने मुंगेली के समस्त युवाओं, महिलाओं और विभिन्न वर्गों से अपील की है कि वे 30 जनवरी को अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपनी एकजुटता का परिचय दें।
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