संगठन के प्रति निष्ठा का प्रतिफल वैभव ताम्रकार लगातार चौथी बार शहर कांग्रेस सचिव नियुक्त

राजनीति में पद पाना सरल हो सकता है, लेकिन अलग-अलग नेतृत्व और बदलती कार्यशैलियों के बीच अपनी उपयोगिता और विश्वास को बनाए रखना एक कठिन चुनौती होती है। मुंगेली शहर कांग्रेस कमेटी में वैभव ताम्रकार ने इसी कठिन चुनौती को पार करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वर्ष 2026 में नवनियुक्त शहर अध्यक्ष दीपक गुप्ता की कार्यकारिणी में वैभव ताम्रकार को लगातार चौथी बार शहर सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
तीन अध्यक्षों का साथ और वैभव का अटूट सफर
वैभव ताम्रकार का सचिव के रूप में यह सफर केवल एक पद की कहानी नहीं है, बल्कि यह अलग-अलग नेतृत्व शैलियों के साथ सामंजस्य बिठाने की उनकी अद्भुत क्षमता का प्रमाण है:
रोहित शुक्ला का कार्यकाल: वैभव के इस सफर की शुरुआत पूर्व शहर अध्यक्ष रोहित शुक्ला के दौर में हुई। रोहित शुक्ला के दो लगातार कार्यकालों के दौरान वैभव ने संगठन की बारीकियों को समझा और जमीनी स्तर पर अपनी सक्रियता दर्ज कराई।
स्वतंत्र मिश्रा का कार्यकाल: इसके बाद जब संगठन की कमान स्वतंत्र मिश्रा के हाथों में आई, तब भी वैभव ताम्रकार की कार्यक्षमता पर भरोसा जताते हुए उन्हें सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई। उनके इस कार्यकाल में वैभव ने पार्टी के आंदोलनों और कार्यक्रमों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दीपक गुप्ता :अब 2026 में, जब ऊर्जावान नेता दीपक गुप्ता को शहर कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है, उन्होंने भी अपनी नई टीम में वैभव ताम्रकार के अनुभव को प्राथमिकता दी है। लगातार चौथी बार सचिव नियुक्त होना यह दर्शाता है कि अध्यक्ष कोई भी हो, वैभव की कर्मठता हर नेतृत्व की पहली पसंद बनी रही है।
वैभव ताम्रकार का पक्ष: “निष्ठा ही मेरी पहचान”
अपनी इस ऐतिहासिक नियुक्ति और तीन अलग-अलग अध्यक्षों के साथ काम करने के अनुभव पर वैभव ताम्रकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा:
“मेरे लिए कांग्रेस पार्टी एक परिवार है और पद उस परिवार की सेवा का एक अवसर। आदरणीय रोहित शुक्ला जी के मार्गदर्शन से शुरू हुआ यह सफर, स्वतंत्र मिश्रा जी के साथ आगे बढ़ा और अब दीपक गुप्ता जी के नेतृत्व में मुझे जनसेवा का मौका मिला है, इसके लिए मैं शीर्ष नेतृत्व का ऋणी हूँ।”
वैभव ताम्रकार ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए आगे कहा अनुभव का सदुपयोग: “तीन अध्यक्षों के साथ काम करने का जो अनुभव मुझे मिला है, उसका पूरा लाभ मैं वर्तमान संगठन को मजबूती देने में लगाऊँगा। मेरा लक्ष्य गुटबाजी से परे रहकर केवल कांग्रेस की विचारधारा को मजबूत करना है।”
आगामी लक्ष्य: वैभव का मानना है कि 2026 की यह नई जिम्मेदारी उनके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण है क्योंकि अब जनता की उम्मीदें और पार्टी के लक्ष्य पहले से कहीं बड़े हैं।





