देश-दुनिया की बड़ी खबरों

अविश्वास प्रस्ताव के बाद ओम बिरला लोकसभा में नहीं जाएंगे?


लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने फैसला किया है कि जब तक उन्हें हटाने के प्रस्ताव पर सदन में चर्चा पूरी नहीं हो जाती और उस पर फैसला नहीं आ जाता, वो सदन में नहीं जाएंगे.

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने ऐलान किया है कि वो तब तक सदन में नहीं जाएंगे, जब तक उन्हें हटाने के प्रस्ताव पर फैसला नहीं हो जाता (Om Birla No-confidence Motion). उनके खिलाफ विपक्ष के 100 से ज्यादा सांसद अविश्वास प्रस्ताव ला रहे हैं. 

सूत्रों के मुताबिक, ओम बिरला ने ये भी कहा है कि सरकार या विपक्ष की ओर से भले ही उन्हें मनाने की कोशिश की जाए, लेकिन वो अपना फैसला नहीं बदलेंगे. हालांकि, लोकसभा को चलाने वाले नियमों में ऐसी कोई बाध्यता नहीं है. नियम कहते हैं कि अविश्वास प्रस्ताव के वक्त स्पीकर चेयर पर नहीं बैठेंगे, लेकिन उनके सदन में जाने की कोई मनाही नहीं होती.

क्यों लाया गया अविश्वास प्रस्ताव?

मंगलवार, 10 फरवरी को लोकसभा में विपक्षी दलों के 118 सांसदों ने स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव लाने के लिए महासचिव को नोटिस दिया है. बजट सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष और स्पीकर के बीच धींगामुश्ती चल रही थी. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने के दौरान स्पीकर ने किताब का जिक्र करने पर टोका था. हंगामे के चलते राहुल गांधी अपना भाषण भी पूरा नहीं कर पाए. 

विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ने जिस वजह से राहुल गांधी को रोका, वही काम भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे ने किया. किसी किताब का जिक्र कर दुबे ने पूर्व पीएम जवाहर लाल नेहरू पर कई आरोप लगाए.

इसके अलावा कांग्रेस के 7 सांसदों समेत 8 लोकसभा सदस्यों को स्पीकर ने निलंबित कर दिया. इनमें हिबी ईडन, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, मणिक्कम टैगोर, गुरजीत सिंह औजला, किरण कुमार रेड्डी, प्रशांत पाडोले, एस. वेंकटेशन और डीन कुरियाकोस शामिल हैं. इसने भी स्पीकर और विपक्ष के बीच तनाव बढ़ा दिया. 

तीसरी बात जिसने कथित तौर पर विपक्ष को आहत किया वो स्पीकर ओम बिरला का वो आरोप था, जिसमें उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सांसद पीएम मोदी के आसन के पास पहुंचकर कोई अप्रत्याशित काम कर सकते थे इसलिए उन्होंने पीएम मोदी को सदन में न आने का आग्रह किया. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे ‘परेशान करने वाला’ आरोप बताया.

कब पेश हो सकता है प्रस्ताव?

इन सब घटनाओं के बाद कांग्रेस, DMK और समाजवादी पार्टी जैसे विपक्षी दलों के 118 सांसदों ने स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है. संभावना है कि बजट सत्र के दूसरे हिस्से के पहले दिन यानी 9 मार्च को स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा हो. 

इसके लिए सबसे पहले प्रस्ताव के समर्थन में 50 सांसदों से हाथ खड़े कराए जाएंगे. इसके बाद चेयर प्रस्ताव पर चर्चा करा सकती है. हालांकि, अविश्वास प्रस्ताव को पास करा पाना विपक्ष के लिए टेढ़ी खीर होगी, क्योंकि सदन में एनडीए के पास इस प्रस्ताव को गिराने के लिए पर्याप्त बहुमत है.


Advertisement

Pritesh Arya

छत्तीसगढ़ की ताज़ा खबरें पढ़ें khabardaar36.com पर – राजनीति, अपराध, शिक्षा, खेल और प्रशासन से जुड़ी हर बड़ी और ब्रेकिंग न्यूज़, सबसे पहले और सबसे सटीक।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!