मुंगेली में बढ़ रहा अवैध ब्याजखोरी का कारोबार, राजनीतिक संरक्षण से फल-फूल रहा काला धंधा

मुंगेली। जिले में अवैध ब्याजखोरी का कारोबार इन दिनों जमकर फल-फूल रहा है। बिना लाइसेंस लोगों की जमीनों के कागजों को और पर्चीयो को अपने पास रख के कोरे स्टांप और चेक में साइन करवा कर कई सूदखोर राजनीतिक संरक्षण के बल पर खुलेआम गरीब किसानों से मनमाना ब्याज वसूल रहे हैं। कई बार इनके खिलाफ थाने में भी शिकायत हो चुकी है इस मामले से कई बार फरार भी रह चुके हैं हालात यह हैं कि कुछ किसान भारी ब्याज तले दबकर आत्महत्या तक करने को मजबूर हो रहे हैं।मुंगेली क्षेत्रों में सक्रिय ब्याजखोर किसानों को ऊँचे ब्याज पर नगद ऋण देते हैं। जब किसान समय पर पैसा नहीं लौटा पाते, तो उनकी ज़मीनों और संपत्तियों पर कब्जा कर लिया जाता है। इस पूरे अवैध कारोबार में कुछ असरदार लोगों की कथित सांठगांठ से ब्याजखोरों के हौसले बुलंद हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि कई मामलों की शिकायतें पुलिस और प्रशासन तक पहुंच चुकी हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई अब तक नहीं हुई। ऐसी स्थिति में किसानों के बीच आक्रोश बढ़ता जा रहा है और ग्रामीणों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि इस अवैध धंधे पर रोक लगाई जा सके।





