कौन बनेगा उपराष्ट्रपति? सीपी राधाकृष्णन के खिलाफ बी सुदर्शन रेड्डी होंगे विपक्ष के उम्मीदवार

विपक्षी इंडिया गठबंधन ने पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति चुनाव का उम्मीदवार बनाया है. वे आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट, गुवाहाटी हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जज रहे और 2013 में गोवा के पहले लोकायुक्त बने थे. जयराम रमेश ने बताया कि गठबंधन ने सर्वसम्मति से उनका नाम तय किया है.
नई दिल्ली✍️:जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद देश में एक बार फिर उपराष्ट्रपति का चुनाव हो रहा है. यह चुनाव न सिर्फ संसद के ऊपरी सदन यानी राज्यसभा की राजनीति के लिहाज़ से अहम है, बल्कि इसके नतीजे आने वाले वर्षों की संसदीय कार्यवाही को भी प्रभावित कर सकते हैं. भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव संविधान के अनुच्छेद 66 के तहत होता है. इलेक्टोरल कॉलेज यानी केवल लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित व नामांकित सदस्य ही वोट डालते हैं. चुनाव की प्रक्रिया गोपनीय मतपत्र (Secret Ballot) से होती है.
जीतने के लिए उम्मीदवार को कुल वैध मतों का 50% से अधिक हासिल करना ज़रूरी होता है. उपराष्ट्रपति पद का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है और यह देश का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है.
. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसका ऐलान किया, जबकि कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा कि गठबंधन ने सर्वसम्मति से उनका नाम तय किया है. उनका मुकाबला एनडीए गठबंधन के सीपी राधाकृष्णन से होगा.
इंडिया गठबंधन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के तौर पर सुदर्शन रेड्डी के नाम का ऐलान किया. कांग्रेस प्रवक्ता ने बताया कि सभी पार्टियों ने सहमति से उनके नाम को फाइनल किया है. टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने बताया कि आम आदमी पार्टी भी सुदर्शन रेड्डी के नाम से सहमत है.





