नियमितीकरण की मांग को लेकर उग्र हुए एनएचएम संविदा कर्मचारी, 23वें दिन जल सत्याग्रह कर जताया विरोध

मुंगेली – प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे एनएचएम के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मंगलवार को हड़ताल के 23वें दिन अपना विरोध और तीखा कर दिया। आगर खेल परिसर से रैली निकालकर कर्मचारी पुलघाट स्थित आगर नदी पर पहुंचे और नदी में उतरकर जल सत्याग्रह किया। इस दौरान कर्मचारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और अपनी मांगों पर ठोस निर्णय की मांग की।
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का कहना है कि वे 18 अगस्त से लगातार अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन सरकार अब तक केवल आश्वासन दे रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि स्वास्थ्य मंत्री बार-बार कमेटी गठित करने और मांगों पर विचार करने की बात कहते हैं, परंतु अभी तक कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया गया।
एनएचएम संघ के जिला पदाधिकारी डॉ. शशांक, डॉ. वाद्यकार, डॉ. पाण्डेय और डॉ. भास्कर ने बताया कि कर्मचारियों का गुस्सा अब उबाल पर है। यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो विधानसभा का घेराव और मंत्रियों-विधायकों के घरों के बाहर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष पवन निर्मलकर ने भी सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने चुनाव के दौरान “मोदी की गारंटी” के तहत संविदा कर्मचारियों को 100 दिनों के भीतर नियमित करने का वादा किया था। लेकिन 20 महीनों और 160 से अधिक ज्ञापन दिए जाने के बाद भी सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा सकी है।
इधर, बुधवार को कर्मचारियों ने “आपने बनाया है तो संवारोगे कब” थीम पर सवाल रैली निकालते हुए भाजपा जिला कार्यालय के सामने प्रदर्शन करने की घोषणा की है। आंदोलनकारियों का कहना है कि अब वे आश्वासन नहीं बल्कि लिखित आदेश चाहते हैं, और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस मौके पर बड़ी संख्या में एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद रहे।




