मुंगेली। मुंगेली नगर पालिका क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे अवैध निर्माण का मुद्दा अब गरमाता जा रहा है। शहर के पुराना बस स्टैंड स्थित चर्चित ‘अपोलो फार्मेसी’ बिल्डिंग में जिला प्रशासन की कार्रवाई के महज तीन महीने बाद दोबारा धड़ल्ले से निर्माण कार्य शुरू हो गया है। हैरानी की बात यह है कि मामला न्यायालय में लंबित होने के बावजूद निर्माण कार्य नहीं रुक रहा है,
बुलडोजर की कार्रवाई पड़ी बेअसर?
आपको बता दें कि करीब 3 माह पूर्व जिला प्रशासन, नगर पालिका और नजूल विभाग की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल के साथ इस बिल्डिंग के अवैध हिस्से पर बुलडोजर चलाया था। उस वक्त इसे प्रशासन की बड़ी जीत माना जा रहा था। लेकिन अब उसी मलबे पर दोबारा अवैध निर्माण खड़ा किया जा रहा है। स्वामिनी रुचि जैन द्वारा किए जा रहे इस कृत्य ने प्रशासनिक रसूख और कानून के डर, दोनों पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
नगर पालिका के नोटिस को भी दिखाया ठेंगा
नगर पालिका मुंगेली ने 17 मार्च 2026 को नोटिस जारी कर स्पष्ट किया था कि स्वीकृत नक्शे से अधिक किए गए निर्माण को उच्च न्यायालय बिलासपुर ने भी अवैध माना था और याचिका खारिज कर दी थी। पुनः निर्माण शुरू होने पर पालिका ने 2 दिन के भीतर जवाब मांगा था और वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
इतना ही नहीं, 27 मार्च 2026 को सीएमओ ने एसडीएम मुंगेली को पत्र लिखकर अतिक्रमण हटाने हेतु प्रशासनिक और राजस्व बल की मांग की थी। लेकिन आरोप है कि एसडीएम कार्यालय से अब तक केवल आश्वासन ही मिला है, कार्रवाई के नाम पर प्रशासन ‘मौन’ साधे हुए है।
कोर्ट में मामला लंबित, फिर भी दिन-रात चल रहा काम
कानूनी जानकारों के अनुसार, जब कोई मामला ‘सब-जूडिस’ (न्यायालय के विचाराधीन) होता है, तो विवादित स्थल पर यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखनी होती है। रुचि जैन द्वारा छत्तीसगढ़ शासन और सीएमओ के खिलाफ मुंगेली न्यायालय में सिविल मुकदमा दायर किया गया है, जिसकी अगली सुनवाई 4 मई 2026 को होनी है।

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