खबरदार36 / मुंगेली। राज्य शासन के गृह (पुलिस) विभाग द्वारा जारी पुलिस अधिकारियों की स्थानांतरण सूची में मुंगेली जिले को एक अनुभवी और बहुमुखी प्रतिभा के धनी पुलिस अधिकारी मिले हैं। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में उप पुलिस अधीक्षक (ऑप्स) के रूप में पदस्थ आशीष अरोरा को स्थानांतरित करते हुए अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) मुंगेली की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

आशीष अरोरा की मुंगेली में पदस्थापना से जिले में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।
कौन हैं नए एसडीओपी आशीष अरोरा?
आशीष अरोरा छत्तीसगढ़ पुलिस के उन गिने-चुने अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्होंने खेल और पुलिस सेवा—दोनों ही क्षेत्रों में अपनी विशेष पहचान बनाई है। वे न केवल एक कुशल पुलिस अधिकारी हैं, बल्कि भारत के अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी भी रह चुके हैं।
दुर्ग में जन्मे आशीष अरोरा का बचपन से ही खेलों की ओर रुझान था। अपनी मेहनत और अनुशासन के बल पर उन्होंने भारतीय वॉलीबॉल टीम में स्थान बनाया। वर्ष 1996 से 2001 के बीच उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 13 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया और लगभग 36 देशों में तिरंगा लहराया। उनके शानदार प्रदर्शन के कारण उन्हें एशिया के उत्कृष्ट खिलाड़ियों में भी शामिल किया गया।
छत्तीसगढ़ के प्रथम ‘शहीद गुण्डाधुर पुरस्कार’ से सम्मानित
छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद खेल क्षेत्र में दिए जाने वाले राज्य के सर्वोच्च शहीद गुण्डाधुर पुरस्कार (वर्ष 2001) के प्रथम प्राप्तकर्ता बनने का गौरव भी आशीष अरोरा को हासिल है। इसके अलावा उत्कृष्ट खेल एवं सेवा प्रदर्शन के लिए उन्हें अविभाजित मध्यप्रदेश का प्रतिष्ठित विक्रम अवार्ड भी मिल चुका है।
मुंगेली से रहा है पुराना नाता, पुलिस सेवा में शानदार रिकॉर्ड
खेल के मैदान में भारत का नाम रोशन करने के बाद उन्होंने पुलिस सेवा में भी अपनी कार्यकुशलता की गहरी छाप छोड़ी है। खास बात यह है कि आशीष अरोरा पूर्व में वर्ष 2020 में मुंगेली सिटी कोतवाली के थाना प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
इसके अलावा वे बिलासपुर के तोरवा व कोतवाली थाना, कोटा एसडीओपी तथा भाटापारा, बलौदाबाजार एवं मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भी विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
खेल से मिला अनुशासन, पुलिसिंग में आई कसावट
आशीष अरोरा का मानना है कि खेल व्यक्ति में अनुशासन, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, धैर्य और टीम भावना का विकास करता है। यही कारण है कि अपने पुलिस कार्यकाल के दौरान भी वे एक बेहद अनुशासित और जनहितैषी अधिकारी के रूप में पहचाने जाते हैं।
एक नज़र में प्रमुख उपलब्धियां:
- अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी: 1996 से 2001 तक 13 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं व 36 देशों में भारत का प्रतिनिधित्व।
- प्रथम शहीद गुण्डाधुर पुरस्कार (2001): छत्तीसगढ़ राज्य का सर्वोच्च खेल सम्मान पाने वाले पहले खिलाड़ी।
- विक्रम अवार्ड: अविभाजित मध्यप्रदेश का प्रतिष्ठित खेल पुरस्कार।
- मैदानी अनुभव: बिलासपुर, कोटा, भाटापारा, बलौदाबाजार, मुंगेली कोतवाली और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में सफल कार्यकाल।
मुंगेली को मिलेगी अनुभवी नेतृत्व की ऊर्जा
मुंगेली में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत शुक्ला और एसडीओपी के रूप में आशीष अरोरा की पदस्थापना को जिले के प्रशासनिक ढांचे में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव माना जा रहा है। चूंकि आशीष अरोरा पहले भी मुंगेली में कार्य कर चुके हैं, इसलिए उनके स्थानीय अनुभव और प्रशासनिक पकड़ का सीधा लाभ जिले की जनता और कानून-व्यवस्था को मिलेगा।

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