मुंगेली | आदर्श कृषि उपज मंडी समिति मुंगेली एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर विवादों और चर्चाओं के घेरे में आ गई है। मंडी परिसर स्थित छह दुकानों की नीलामी प्रक्रिया के दौरान, आवेदन जमा होने के बाद पात्रता संबंधी शर्तों में अचानक किए गए बदलाव ने पारदर्शिता पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस निर्णय से स्थानीय व्यापारियों और आवेदकों के बीच असमंजस की स्थिति निर्मित हो गई है, वहीं कुछ लोगों ने पूरे मामले की सक्षम अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, मंडी समिति द्वारा जारी प्रारंभिक अधिसूचना में स्पष्ट शर्त रखी गई थी कि “इच्छुक आवेदक जिस विशिष्ट दुकान के लिए आवेदन करेगा, वह केवल उसी दुकान की खुली नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने का पात्र होगा।” सभी इच्छुक अभ्यर्थियों ने इसी नियम को आधार मानकर निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने-अपने आवेदन जमा किए थे।



आवेदन प्रक्रिया समाप्त होते ही बदला आदेश
सूत्रों का दावा है कि आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 3 अगस्त 2026 को मंडी समिति के सूचना फलक पर एक नया आदेश चस्पा कर दिया गया। इस संशोधित आदेश के अनुसार:
“यदि किसी व्यक्ति ने केवल एक दुकान के लिए भी आवेदन किया है, तब भी वह सभी छह दुकानों की नीलामी प्रक्रिया में भाग ले सकेगा।”
नियमों में फेरबदल से क्यों बढ़ा आक्रोश?
- समान अवसर का हनन: आवेदकों का कहना है कि यदि यह नियम पहले से स्पष्ट होता, तो कई अन्य व्यापारी भी अलग-अलग या सभी दुकानों के लिए योजना बनाकर आवेदन करते।
- पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न: आवेदन की अंतिम तिथि बीत जाने के बाद इस तरह से नियमों में ढील देना या बदलाव करना प्रशासनिक पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।
- जांच की मांग: स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि यह स्पष्ट किया जाए कि यह संशोधन किस सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से और किन परिस्थितियों में लागू किया गया।
मंडी समिति का पक्ष: अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं
समाचार लिखे जाने तक आदर्श कृषि उपज मंडी समिति या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि इस संशोधित आदेश का विधिक एवं प्रशासनिक आधार क्या है।

संपादकीय टिप्पणी: सार्वजनिक संपत्ति और दुकानों की नीलामी में पारदर्शिता, निष्पक्षता और पूर्व-निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य है। यदि मंडी समिति या संबंधित अधिकारियों की ओर से इस संदर्भ में कोई आधिकारिक पक्ष सामने आता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
पुरानी अनियमितताओं की भी चर्चाएँ गर्म
सूत्रों के हवाले से यह भी खबर सामने आ रही है कि मंडी परिसर में पूर्व में आवंटित कुछ दुकानों के संचालन और आवंटन को लेकर भी लंबे समय से तरह-तरह की अनियमितताओं के दावे किए जाते रहे हैं। हालाँकि इनकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। यदि इससे जुड़े कोई दस्तावेजी प्रमाण सामने आते हैं, तो आगामी अंक में इसका विस्तृत खुलासा किया जाएगा।

The News Related To The News Engaged In The Khabar Daar36 Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.

