मुंगेली। नगर पालिका परिषद मुंगेली में अध्यक्ष और निर्वाचित पार्षदों के बीच जारी खिंचाव अब पुलिस थाने की चौखट तक पहुंच गया है। नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला द्वारा सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए एक विवादास्पद पोस्टर को लेकर विवाद गहरा गया है। इस पोस्टर में निर्वाचित पार्षदों के नामों को न केवल गलत और अशोभनीय तरीके से लिखकर संबोधित किया गया, बल्कि उनके खिलाफ अमर्यादित और आपत्तिजनक शब्दावली का भी इस्तेमाल किया गया है।

पालिका अध्यक्ष की इस हरकत से आक्रोशित पार्षदों ने इसे जनप्रतिनिधियों का सीधा चरित्र हनन और सामाजिक प्रतिष्ठा पर हमला करार दिया है। नगर पालिका उपाध्यक्ष जय प्रकाश मिश्रा के नेतृत्व में दर्जनों पार्षदों ने मुंगेली थाना पहुंचकर थाना प्रभारी को लिखित आवेदन सौंपा और अध्यक्ष रोहित शुक्ला के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की पुरजोर मांग की।
मामले के प्रमुख बिंदु: क्यों भड़का विवाद?
- नाम बिगाड़कर अमर्यादित टिप्पणी: अध्यक्ष द्वारा सोशल मीडिया पर जारी पोस्टर में निर्वाचित प्रतिनिधियों के नाम गलत, आपत्तिजनक और अपमानजनक ढंग से लिखे गए।
- जनप्रतिनिधियों का दुष्प्रचार: सार्वजनिक डिजिटल मंच पर जनप्रतिनिधियों की छवि धूमिल करने और नीचा दिखाने का गंभीर आरोप।
- पुलिस को सौंपे गए डिजिटल साक्ष्य: पार्षदों ने विवादास्पद पोस्टर, अभद्र कमेंट्स और सोशल मीडिया पेजों के स्क्रीनशॉट बतौर सबूत पुलिस के सुपुर्द किए।
- कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग: साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत तुरंत मामला दर्ज करने का आग्रह।
थाने पहुंचे दर्जनों पार्षद, निष्पक्ष जांच की मांग

थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपने के दौरान नगर पालिका परिषद मुंगेली के उपाध्यक्ष जय प्रकाश मिश्रा सहित कई निर्वाचित पार्षद प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सभी पार्षदों ने शिकायत पत्र पर हस्ताक्षर कर अपना विरोध दर्ज कराया। पार्षदों का स्पष्ट कहना है कि जनप्रतिनिधियों के सम्मान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस प्रशासन को बिना किसी दबाव के इस मामले में निष्पक्ष जांच कर त्वरित और सख्त दंडात्मक कार्रवाई करनी चाहिए।
सत्यता की जांच का आग्रह, अब पुलिस की कार्रवाई पर नजर
शिकायत आवेदन में पार्षदों द्वारा सोशल मीडिया पर कथित रूप से की गई टिप्पणियों की सत्यता, पोस्ट की वास्तविक प्रामाणिकता एवं उससे जुड़े सभी तकनीकी तथ्यों की गहन जांच किए जाने का भी आग्रह किया गया है। मामले में पुलिस की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा कि यह सोशल मीडिया सामग्री वास्तव में किसके द्वारा पोस्ट की गई और उसमें लगाए गए आरोप अथवा टिप्पणियां किस परिस्थिति और उद्देश्य से की गईं।
शिकायत के बाद पुलिस जांच पर टिकीं निगाहें
फिलहाल यह पूरा मामला पार्षदों द्वारा सौंपे गए शिकायत आवेदन और उसमें संलग्न बताए गए डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस के समक्ष विचाराधीन है। शिकायत पर पुलिस द्वारा की जाने वाली प्राथमिक जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति पूरी तरह साफ होगी। खबर लिखे जाने तक इस मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से एफआईआर (FIR) दर्ज किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
समाचार अस्वीकरण (Disclaimer):
यह समाचार मुंगेली थाने में पार्षदों द्वारा सौंपे गए लिखित आवेदन और लगाए गए आरोपों के आधार पर प्रकाशित किया गया है। समाचार पत्र/पोर्टल इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। मामले में वास्तविक स्थिति पुलिस की वैधानिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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