1. छत्तीसगढ़ पर अल नीनो का खतरा: सुस्त मानसून से खरीफ बुआई प्रभावित, सरकार ने तैयार किया ‘प्लान-बी’
- मुख्य समाचार: प्रदेश में मानसून के प्रवेश के बाद भी अधिकांश हिस्सों में केवल छिटपुट बौछारें ही पड़ी हैं, जिससे कृषि क्षेत्र में चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। प्रशांत महासागर में तेजी से मजबूत हो रहे ‘अल नीनो’ के प्रभाव के कारण इस वर्ष राज्य में सामान्य से कम बारिश का अनुमान लगाया गया है।
- बुआई के आंकड़े: इस साल राज्य में 48.69 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुआई का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है, लेकिन बारिश की खिसकती रफ्तार के चलते अब तक महज 2 फीसदी रकबे में ही बोनी हो सकी है।
- प्रशासनिक मुस्तैदी: केंद्रीय कृषि मंत्री और राज्य के कृषि मंत्री रामविचार नेताम के बीच हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में सूखा प्रबंधन की रणनीति बनाई गई है। किसानों को कम पानी लेने वाली फसलों, जैसे दलहन और तिलहन की ओर रुख करने की सलाह दी जा रही है।
2. मुख्यमंत्री साय की बड़ी सौगात: ‘CG-CBG पॉलिसी 2026’ को हरी झंडी, कचरे और गोबर से बनेगी बायोगैस
- मुख्य समाचार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। राज्य सरकार ने ‘कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) नीति 2026’ को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
- नीति का उद्देश्य: इस दूरगामी नीति के तहत राज्य में कृषि अवशेष (पराली), गोबर और शहरी निकायों के गीले कचरे का उपयोग कर बड़े पैमाने पर ग्रीन फ्यूल (बायोगैस) का उत्पादन किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के सैकड़ों नए अवसर सृजित होंगे और पशुपालकों की आय बढ़ेगी।
3. अवैध खनन पर साय सरकार का कड़ा प्रहार: ट्रैक्टरों पर 25 हजार न्यूनतम जुर्माना, मशीनें छुड़ाना हुआ बेहद मुश्किल
- मुख्य समाचार: राज्य में नदियों से अवैध रेत उत्खनन और अन्य खनिजों के अवैध परिवहन पर पूरी तरह नकेल कसने के लिए खनिज साधन विभाग ने नियमों को कड़ा कर दिया है।
- कड़े नियम: अवैध खनिज परिवहन करते पकड़े जाने पर ट्रैक्टरों से अब न्यूनतम 25,000 रुपये का भारी-भरकम जुर्माना वसूला जाएगा। इसके अलावा, जब्त की गई पोकलेन, जेसीबी और अन्य बड़ी मशीनों को छुड़ाने के लिए अब मालिकों को 3 लाख रुपये तक की भारी समझौता राशि (Compounding Fee) चुकानी होगी।
4. देश का नया ‘डायमंड हब’ बनने की ओर छत्तीसगढ़: बालोदा-बेलमुंडी ब्लॉक की टेस्टिंग में मिले 5 बहुमूल्य हीरे
- मुख्य समाचार: छत्तीसगढ़ की धरती एक बार फिर बहुमूल्य खनिजों की प्रचुरता के कारण देश के पटल पर आई है। बालोदा-बेलमुंडी हीरा ब्लॉक से लिए गए बल्क सैंपल्स की शुरुआती टेस्टिंग रिपोर्ट सामने आ गई है।
- बड़ी खोज: सैंपल्स की जांच के दौरान कुल 1.22 कैरेट के 5 असली हीरे बरामद किए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस खोज पर उत्साह जताते हुए कहा है कि यह ब्लॉक आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को देश का प्रमुख डायमंड हब बना सकता है।
5. राजधानी रायपुर: ‘ड्रिंक एंड ड्राइव’ पर पुलिस का महा-अभियान, 13 जुलाई से विधानसभा का मानसून सत्र
- मुख्य समाचार: राजधानी रायपुर में कानून व्यवस्था और यातायात सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। पिछले कुछ दिनों में देर रात की चेकिंग के दौरान शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के मामलों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है, जिसे देखते हुए रायपुर ट्रैफिक पुलिस ने तेलीबांधा, वीआईपी रोड और घड़ी चौक जैसे प्रमुख स्थलों पर कड़ा पहरा लगा दिया है।
- राजनीतिक एवं विधायी हलचल: आपातकाल की 51वीं बरसी पर आज भाजपा ने रायपुर में ‘काला दिवस’ मनाते हुए तीखा विरोध प्रदर्शन किया। वहीं दूसरी ओर, रायपुर में 13 जुलाई से शुरू हो रहे 5 दिवसीय विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर प्रशासनिक तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं।
6. न्यायधानी हलचल: बिलासपुर हाईकोर्ट में 30 जून से नया बेंच शेड्यूल, अदालतों में AI के उपयोग पर मांगे सुझाव
- मुख्य समाचार: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर से न्यायपालिका जगत की बड़ी खबर सामने आ रही है। हाईकोर्ट प्रशासन ने आगामी 30 जून 2026 से मुकदमों की त्वरित सुनवाई के लिए नया सप्लीमेंट्री बेंच शेड्यूल लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है।
- अदालतों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: बिलासपुर हाईकोर्ट ने डिजिटल क्रांति की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘Regulations for Use of AI in Courts 2026’ का ड्राफ्ट तैयार किया है और इस पर वकीलों तथा आम जनता से सुझाव व आपत्तियां मांगी हैं।
- लोकल अपडेट: जिला रोजगार कार्यालय कोनी में आज विशेष प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया गया है, वहीं रेलवे के बिलासपुर रेल मंडल में इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य के चलते कुछ ट्रेनों के परिचालन समय में बदलाव किया गया है।
⚠️ मौसम विभाग का विशेष अलर्ट (Weather Warning):
मौसम केंद्र रायपुर के अनुसार, आगामी 48 घंटों के भीतर बस्तर और सरगुजा संभाग के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ भारी आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। किसानों को सलाह दी गई है कि खेतों में काम करते समय सावधानी बरतें और पर्याप्त नमी सुनिश्चित होने के बाद ही बुनी का कार्य करें।

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