ठगी का जाल; पैसा डबल करने का झांसा देकर बिलासपुर के आरोपियों ने हड़पे पैसे, अब पुलिस के पास पहुंचा मामला
मुंगेली।
जिला मुख्यालय मुंगेली में चिटफंड और निवेश के नाम पर धोखाधड़ी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ एक परिवार की जीवनभर की जमा-पूंजी छीन ली, बल्कि अत्यधिक मानसिक तनाव के कारण पीड़ित को अपनी जान भी गंवानी पड़ी। गांधी वार्ड, सदर बाजार मुंगेली निवासी दिवंगत अजय देवांगन की पत्नी सुनीता देवांगन ने मुंगेली पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ नामजद लिखित शिकायत दर्ज कराई है और कड़ी कार्रवाई सहित अपनी राशि वापस दिलाने की मांग की है। एक होटल में में बुना गया था ठगी का ताना-बाना
एक होटल में बुना गया था ठगी का ताना-बाना
शिकायत के अनुसार, ठगी के इस खेल की शुरुआत 06 फरवरी 2026 को मुंगेली के रेस्टोरेंट में हुई थी। बिलासपुर (अमेरी कॉलोनी) निवासी ऋषि देवांगन ने अपने प्रमोटर अरुण बंजारे (मंगला, बिलासपुर) के साथ मिलकर एक बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में अजय देवांगन सहित नगर के कई अन्य लोग शामिल हुए थे। आरोपियों ने एक कथित कंपनी का प्लान समझाते हुए झांसा दिया था कि इसमें पैसा लगाने पर महज तीन महीने में राशि दोगुनी-तिगुनी हो जाएगी।
भरोसे में आकर दिए ₹4 लाख, मांगने पर मिलीं धमकियां
ऋषि देवांगन का मुंगेली में लगातार आना-जाना होने के कारण पीड़ित अजय देवांगन उनके झांसे में आ गए। उन्होंने नगद और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के माध्यम से लगभग ₹4,00,000 (चार लाख रुपये) आरोपियों के खातों में जमा कर दिए। इसके बाद जब कंपनी की स्कीमें पूरी होने की अवधि आई और पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने गोलमोल जवाब देना शुरू कर दिया। कुछ समय बाद आरोपियों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया और वॉट्सऐप पर मैसेज करने पर कठोर शब्दों में धमकी देते हुए मानसिक प्रताड़ना देनी शुरू कर दी।
सदमे में बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान तोड़ा दम
लगातार मिल रही धमकियों और मेहनत की कमाई डूबने के गम में अजय देवांगन गहरे डिप्रेशन में चले गए। इसी मानसिक तनाव के चलते 11 जून को दोपहर में खाना खाते समय वे अचानक पसीने से तर-बतर होकर चक्कर खाकर गिर पड़े। समाज के अध्यक्ष आनंद देवांगन और अन्य मित्रों की मदद से उन्हें तुरंत मुंगेली के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बिलासपुर रेफर कर दिया। बिलासपुर में डॉक्टरों ने बताया कि अत्यधिक हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) के कारण उनके दिमाग की नस में गंभीर समस्या आ गई थी। स्थिति बिगड़ने पर उन्हें तत्काल रायपुर ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान 12 जून की रात को उनकी मृत्यु हो गई।
इन लोगों के साथ भी हुई धोखाधड़ी, गवाहों ने की पुष्टि
पीड़ित परिवार के अनुसार, इस ठगी का शिकार अकेले अजय देवांगन नहीं हुए थे। नगर के अन्य नागरिक जैसे अनिल देवांगन, दुर्गेश देवांगन, आनंद देवांगन, विष्णु देवांगन, जगदीश देवांगन, जलेश देवांगन, सुदामा देवांगन, हीरालाल देवांगन और मीत देवांगन सहित कई अन्य लोगों से भी इसी तरह पैसे ऐठे गए थे। इन सभी गवाहों ने लिखित शिकायत में अपने हस्ताक्षर कर मामले की पुष्टि की है।
पीड़ित पत्नी ने एसपी से की कड़ी कार्रवाई की मांग
अजय देवांगन की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी सुनीता देवांगन ने बिलासपुर निवासी मुख्य आरोपी ऋषि देवांगन, प्रमोटर अरुण बंजारे और इस काम में उनका साथ देने वाली महिला साथी नीलू यादव (दीनदयाल कॉलोनी, बिलासपुर) के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पीड़िता ने पुनीत रेस्टोरेंट की बैठक के फोटोग्राफ्स, वॉट्सऐप चैट की कॉपी और बैंक खातों के लेन-देन का विवरण (बैंक स्टेटमेंट) जैसे पुख्ता सबूत भी पुलिस को सौंपे हैं।

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